रांची, जनवरी 20 -- झारखंड हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि ईंट भट्ठा संचालकों को ईंट निर्माण के लिए मिट्टी उत्खनन से पहले पर्यावरण की स्वीकृति और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संचालन की अनुमति (सीटीओ) लेना आवश्यक होगा। संचालकों को कमाई का निर्धारित हिस्सा डीएमएफटी (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट) में भी जमा करना होगा। फैसले के साथ ही अदालत ने ईंट भट्टा संचालकों की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने वन सीमा के एक किलोमीटर दायरे में खनन पर भी रोक लगा दी है। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस अरुण कुमार राय की अदालत ने सोमवार को फैसले में कहा कि ईंट बनाने में उपयोग होने वाली मिट्टी लघु खनिज (माइनर मिनरल) की श्रेणी में आती है, इसलिए उसपर झारखंड माइनर मिनरल कंसेशन रुल्स 2004 पूरी तरह लागू होंगे। ईंट निर्माण प्रक्रिया मिट्टी उत्खनन से शुरू होत...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.