अल्मोड़ा, फरवरी 6 -- अल्मोड़ा। 'हर्बल अरोमा' वन पंचायतों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे एक तरफ जड़ी बूटियों का उत्पादन होगा, वहीं दूसरी ओर वन पंचायतों से जुड़े लोग आर्थिक रूप से सशक्त होंगे। यह बात शुक्रवार को वन चेतना केंद्र में हुई कार्यशाला में डीएफओ सिविल सोयम प्रदीप धौलाखंडी ने कही। कार्यशाला में वन विभाग के अधिकारियों के अलावा वैज्ञानिकों ने भी शिरकत की। डीएफओ सिविल सोयम ने कहा कि वन विभाग की ओर से वन पंचायतों में एनटीएफसी प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। इससे पंचायतों को मेडिसिन प्लांट बनाने की योजना है। बताया कि इस दौरान में जड़ी बूटियों की मार्केट में काफी डिमांड है।
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