कानपुर, जनवरी 5 -- कानपुर देहात। मैथा तहसील क्षेत्र के लोगों को मनोरंजन के साथ ही खुशनुमा माहौल देने के लिए वर्ष 1991 में विकसित किया गया इंदिरा गांधी वन चेतना केंद्र जिम्मेदारों की अनदेखी व उपेक्षा का शिकार था। एक साल पहले बदहाल हो चुके वन चेतना केंद्र की बजट मिलने पर चेतना वापस तो आ गई, लेकिन चार साल बाद भी इस को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने का इंतजार है। वर्ष1991 में औनाहा निवासी पूर्व विधायक राजा रघुनाथ सिंह ने अपनी 40 बीघे भूमि वन विभाग को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए दान में दे दी थी। वर्ष 1991 से 1996 तक जिला ग्रामीण विकास अभिकरण व वन विभाग ने कई योजनाओं के तहत इस स्थल को मनोरंजन पार्क के रूप में विकसित किया था। इसके तहत यहां झूले व कुर्सियों के साथ ही मनोरंजन के साधन भी मुहैया कराए गए थे। साथ ही इस केंद्र में पा...