बहराइच, सितम्बर 18 -- तेजवापुर, संवाददाता। घाघरा नदी के कछार बाशिंदों लोगों को एक हफ्ते से सुख चैन सब गायब है। भेड़िया के आंतक से लोगों को जीना दुश्वार हो गया है। भेड़िया के हमलें में दो बालिका की मौत और आधे दर्जन लोग घायल हो चुके हैं। कैसरगंज व महसी भेड़िया प्रभावित इलाकों में ग्रामीण न तो सुख कि रोटी खा रहें हैं न ही रात्रि को सुख से सो पा रहे हैं। महसी के बाद नौ सितंबर से कैसरगंज इलाके में भेड़िया व तेंदुआ की दहशत इतनी बढ़ गई है कि लोग अकेले खेतों व बजार जाने से कतरा रहे हैं। खेतों में बड़े - बड़े गन्ने की फसल हो जाने से डर का भय बना रहता है। लोग लाठी डंडे लेकर खेत को जाने को मजबूर है। आदमखोर को पकड़ने के लिए वनविभाग व बाहर से आए विशेषज्ञ भी लगे हुए हैं लेकिन सफलता नहीं प्राप्त हो सकी। वनविभाग की ओर से चार सेक्टरों में 32 टीमें लगी जो ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.