नई दिल्ली, फरवरी 28 -- सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बेला त्रिवेदी ने बेल के एक मामले की सुनवाई करते हुए ऐसी टिप्पणी की, जिस पर काफी चर्चा हो रही है। आरोपी महिला के वकील ने बेल की मांग करते हुए कहा था कि उनकी क्लाइंट का वजन बहुत अधिक है। उन्हें हिरासत से राहत मिलनी चाहिए और बेल पर जेल से निकाला जाए। इस पर जस्टिस बेला त्रिवेदी ने कहा कि क्या ऐसी दलील बेल के लिए दी जा सकती है या फिर बेल का यह कोई आधार हो सकता है? इस पर वकील ने कहा कि उनकी क्लाइंट बीमार रहती हैं और कई समस्याओं से पीड़ित हैं। इस पर जस्टिस बेला त्रिवेदी ने कहा, 'उन्हें कस्टडी में ही रहने दिया जाए ताकि उनका वजन कम हो सके।' जस्टिस त्रिवेदी पहले भी बेल के मामलों को कड़ा रुख अपना चुकी हैं। उन्होंने मई 2024 में बेल के एक केस की सुनवाई करते हुए कहा था कि बेल के मामलों की सुनवाई सुप्रीम को...
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