हमीरपुर, नवम्बर 25 -- हमीरपुर, संवाददाता। भारत सरकार द्वारा बनाए गए उम्मीद पोर्टल का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पंजीकृत वक्फ संपत्ति को एक विशिष्ट पहचान की आईडी देना है। इसलिए सभी लोगों को चाहिए कि अपने गांव, कस्बा एवं शहर स्तर पर जो भी वक्फ अवकाफ है, उन्हें पांच दिसंबर से पहले उम्मीद पोर्टल पर दर्ज जरूर करवा दें। जिससे कि पंजीकृत वक्फ संपत्ति की डिजिटल ट्रेकिंग हो सके। उक्त बात बात यूपी वक्फ बोर्ड कोआर्डिनेट ग्रुप के सदस्य मोहम्मद आरिफ ने जामा मस्जिद कजियाना में शहर की मस्जिदों के पेशइमाम व अवकाफ के जिम्मेदारों की बैठक को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने बताया कि जनपद में लगभग साढ़े नौ सौ वक्फ अवकाफ जैसे मस्जिद, मजार, कब्रिस्तान आदि पंजीकृत हैं, जिन्हें उम्मीद पोर्टल पर दर्ज किया जाना है। तहरीक उलमा ए बुंदेलखंड के अध्यक्ष काजी अजमत अली ने कहा ...
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