नई दिल्ली, फरवरी 9 -- देश के कई राज्यों में चल रहे SIR के खिलाफ देश की शीर्ष अदालत में वकील बनकर पहुंचीं ममता बनर्जी को करारा झटका लगा है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने साफ कर दिया है कि SIR की प्रक्रिया में किसी तरह की रोक लगाने की मंजूरी नहीं दी जा सकती। इसमें कोई बाधा भी पैदा करने की परमिशन अदालत नहीं देगी। चीफ जस्टिस ने कहा कि सभी राज्यों को इस बात को समझ लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जो कुछ भी स्पष्टता चाहिए, वह सुप्रीम कोर्ट की ओर से दी जाएगी। आज की सुनवाई में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के सांसद कल्याण बनर्जी भी वकील बनकर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि ऐसा भी हुआ है कि अल्पसंख्यक बहुल विधानसभा क्षेत्रों में यदि 1000 वोटर थे तो उनमें से 950 को logical discrepancy सूची में डाल दिया गया है। इस दौरान वोटर लिस्ट में किसी नाम क...