बिहारशरीफ, नवम्बर 17 -- वंदे मातरम सिर्फ गीत नहीं, एक ऊर्जा है: कुलपति नालंदा महाविहार में राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूरे होने पर हुआ कार्यक्रम फोटो: महाविहार: नव नालंदा महाविहार में सोमवार को कार्यक्रम में शामिल कुलपति प्रो. सिद्धार्थ सिंह व अन्य। नालंदा, निज संवाददाता। 'वंदे मातरम सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि एक ऊर्जा, एक सपना और एक संकल्प है।' इस संदेश के साथ नव नालंदा महाविहार में राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कुलपति प्रो. सिद्धार्थ सिंह से लेकर छात्रों तक सभी ने सामूहिक गान किया और इसके गौरवशाली इतिहास को याद किया। कुलपति ने बताया कि यह गीत पहली बार सात नवंबर 1875 को प्रकाशित हुआ था। बाद में, जब 1882 में यह बंकिमचंद्र चटर्जी के उपन्यास आनंद मठ का हिस्सा बना, तो इसने संन्यासी आंदोलन से प्रेरित होकर पू...
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