प्रयागराज, जनवरी 31 -- वंदे मातरम का विभाजन यदि रोका गया होता तो भारत का भी विभाजन रुक सकता था। वंदे मातरम भारत के स्वतंत्रता संग्राम को ऊर्जा देने वाला मंत्र रहा है और इसकी रचना हिंदुत्व से प्रेरित होकर की गई थी। आज राष्ट्रीय समस्याओं के समाधान के लिए हिंदुत्व को पुनः प्रतिष्ठित करने का समय आ गया है। इसके लिए सभी को आगे आना होगा। यह विचार प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय संयोजक जे. नंदकुमार ने शनिवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सीनेट हाल में व्यक्त किए। वे प्रो. राजेंद्र सिंह 'रज्जू भय्या' स्मृति सेवा न्यास के तत्वावधान में आयोजित विशिष्ट व्याख्यानमाला में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हिंदू संस्कृति को 'हिंदुइज्म' के भ्रम में फंसाया गया। अध्यक्षता कर रहीं कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने कहा कि रज्जू भय्या विश्वविद्य...