सहारनपुर, नवम्बर 8 -- श्रीमद्भागवत कथाव्यास आचार्य सुभाष बहुगुणा ने वामन अवतार और समुद्र मंथन कथा का वर्णन किया। श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथा वाचक सुभाष बहुगुणा ने कहा कि ब्रह्मा ने ही सृष्टि का निर्माण किया था। उन्होंने दक्ष प्रजापति की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि वंदनीय लोगों का कभी भी अपमान नहीं करना चाहिए। राजा दक्ष के यहां आयोजित यज्ञ में सती का अपमान हुआ था इसी कारण यज्ञ में विध्न पड़ा। कथा वाचक ने कहा कि गाय व गोविंद कभी भी अशुद्ध नही होते हैं। उन्होने समुद्र मंथन की कथा में कहा कि विश्व के कल्याण की खातिर ही भगवान शिव ने विष को ग्रहण कर लिया था। उन्होने राजा बली व वामन अवतार की कथा का भी वर्णन किया। कथा आरंभ होने से पूर्व कथा व्यास को माला पहनाकर व्यास गद्दी पर बैठाया।

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