मुजफ्फरपुर, फरवरी 16 -- मुजफ्फरपुर। लोहे को समाज की जरूरतों के मुताबिक आकार देने वाले लोहार मुख्य धारा से कट गए हैं। लोहे के कुंद औजारों को धार देने वालों का भविष्य खुद मझधार में है। इनका कहना है कि अनुसूचित जाति का दर्जा मिला, वह भी छीन लिया गया। आज हालत यह हो गई है कि भांथी के साथ खुद भी तपकर सुबह से शाम तक पसीना बहाते हैं, मगर इतनी कमाई नहीं होती कि सही से परिवार का पेट पाल सकें। जिले के लोहार समाज का कहना है कि कैंप लगाकर विश्वकर्मा योजना और मुख्यमंत्री उद्योग योजना का लाभ दिलाया जाए, ताकि आर्थिक स्थिति संभल पाए। मुजफ्फरपुर में करीब ढाई लाख की आबादी वाला लोहार समाज रोजगार के संकट से गुजर रहा है। काम नहीं मिलने के कारण इस समाज के लगभग 50 फीसदी युवा पलायन कर चुके हैं। बड़ी संख्या में हो रहे पलायन पर चिंता जताते हुए लोहार कल्याण महासभा के...
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