लोहरदगा, अक्टूबर 29 -- लोहरदगा, संवाददाता। पांच दशक बाद भी लोहरदगा जिले के सुदूर क्षेत्रों में इंटरनेट सेवा सपना के समान है। सुदूर क्षेत्रों में इंटरनेट तो दूर की बात मोबाइल नेटवर्क की स्थिति भी बदहाल है। जिले के कई ऐसे पहाड़ी और दुरस्थ क्षेत्र हैं, जहां आज भी फोन पर बात करने के लिए घूम-घूम कर नेटवर्क तलाशना पड़ता है। तब कही जा कर बात हो पाती है। कमजोर नेटवर्क के कारण सरकार की महत्वकांक्षी स्मार्ट पीडीएस व डिजिटल सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। देश ने तकनीकी और डिजिटल विकास की दिशा में लंबी यात्रा तय की है, लेकिन सुदूर पहाड़ी और वन क्षेत्रों में आज भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। यही कारण है कि स्मार्ट पीडएस, ई-गवर्नेंस, जन सेवा केंद्र, और भारत नेट परियोजना जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं भी कारगर साबित नही हो रही है और यह सिर्फ दुरस्त पहाड़ी इलाके...
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