लोहरदगा, मई 5 -- पेशरार, देवकुमार सिंह। शासन और प्रशासन के उपेक्षात्मक रवैया का डांस लोहरदगा जिले के पेशरार प्रखंड अंतर्गत सुदूरवर्ती तुईमू पंचायत के विलुप्तप्राय जनजाति समाज असुर समाज के लोग आजादी के 78 साल बाद भी बदहाली का जीवन जीने को मजबूर और विवस है। जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर स्थित तुईमू पंचायत के तेईमू गढ़ा गांव में लगभग 40 असुर परिवार के लोग रहते हैं। इनके लिए जो आंगनवाड़ी बनाया गया था, वह काफी पुराना और जर्जर हो चुका है। इस गांव के बंजारा पाठ के लोग आज भी लगभग डेढ़ किलोमीटर का फैसला तय कर चूंआ का पानी पीने को विवश है। यहां बुनियादी जरूरत का घोर अभाव है। सड़क, बिजली, पानी जैसे चीजों के लिए इन्हें आज भी संघर्ष करना पड़ रहा है। यहां जनजातीय बच्चों के लिए कल्याण विभाग द्वारा आवासीय विद्यालय भी संचालित है। उस...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.