गिरडीह, सितम्बर 22 -- गिरिडीह, प्रतिनिधि। गैर-मजरुआ खास से पहले गोचर भूमि बनकर उभरा सदर प्रखंड के मौजा लोहपिट्टी, थाना पचंबा के अधीन 6.58 एकड़ की भूमि पर मालिकाना हक के लिए ट्रायल ऐसे मुहाने पर है, जो कभी भी खून-खराबा करा सकता है। दो दिन पूर्व इस भूमि पर हुए गंभीर टसल को शांत करने में प्रशासन से लेकर पचंबा पुलिस तक को खूब पसीना बहाना पड़ा। शनिवार रात जब दोनों गुटों में कथित रुप से समझौता हो गया तब पुलिस चैन की नींद सो पाई। पुलिस का कहना है कि दोनों तरफ से कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है, जबकि लोग कहते हैं कि विवादित भूमि पर शुक्रवार रात ऐसा मंजर था कि राहगीर के साथ आसपास के गांव के लोग अब भी अनहोनी की आशंका से डरे-सहमे हैं। जेसीबी से खुलेआम खड़ी दीवार गिरा दी गई जैसे कानून-प्रशासन नहीं है। बाउंड्री और दफ्तर पर हमला के बाद भी प्राथमिकी नहीं...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.