धनबाद, अक्टूबर 11 -- लोयाबाद, प्रतिनिधि। लोयाबाद में हजरत सैयद अब्दुल अजीज शाह बाबा रहमतुल्लाह अलैह के उर्स-ए-मुबारक के पांचवें रोज गुरूवार की रात कव्वाली का रंगारंग कार्यक्रम संपन्न हुआ। महफिल की शुरुआत नातिया कलाम पढ़ो सल्ले अला, सल्ले अला, मेरे शाहे बतहा शाने करम... से हुई, जिसने माहौल को रूहानी बना दिया। इसके बाद उत्तर प्रदेश के मशहूर कव्वाल ताहिर चिश्ती (बरेली) और साकिब अली साबरी (अयोध्या) के बीच जबाबी कव्वाली का शानदार मुकाबला हुआ। साकिब अली ने अगर बुझ गई तो कोई गम न होगा जैसी कलामों से महफिल में जोश भर दिया, वहीं ताहिर चिश्ती ने बुलंद आवाज में नात और हम्द के तराने पेश कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कई बार दोनों कव्वालों के बीच हुई जबाबी कलामबाजी पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से समां बांध दिया। उर्स मैदान रोशनी और सजावट से ...
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