मुजफ्फरपुर, सितम्बर 14 -- मुजफ्फरपुर। लीची के बाद मुजफ्फरपुर लहठी का हब है। गांव-गांव और गली-गली में बन रही लहठी सैकड़ों परिवारों के लिए जीविका का साधन है। राज्य सरकार ने लहठी कारीगरों के उत्थान के लिए उन्हें अल्पसंख्यक वित्त निगम से लोन दिलाया और बाजार उपलब्ध कराने की बात कही। पर, बाजार नहीं मिलने से कारीगरों को लहठी की उचित कीमत नहीं मिल सकी। इससे उनकी जमा पूंजी भी खत्म हो गई और लोन का ब्याज चुकाना भी मुश्किल हो गया। अब लोन की राशि चुकता करने के लिए उन्हें नोटिस भेजा जा रहा है। शहर के रामबाग चौरी और कुढ़नी प्रखंड के चैनपुर बंगरा गांव के ज्यादातर परिवार लहठी निर्माण के काम में जुड़े हुए हैं। इससे ही वे अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। इन कारीगरों के पास पूंजी का अभाव था और उनकी बनाई लहठी के लिए बाजार भी उपलब्ध नहीं था। वर्ष 2008 में सरक...
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