सिमडेगा, फरवरी 24 -- सिमडेगा, प्रतिनिधि। अपनी बहन शैली के नाम से बने शैली फांउडेशन के तहत लोगों की जिंदगी बचाने की मुहिम में जुटे ध्रुव को आखिरकार जिंदगी ने धोखा दे दिया। सोमवार की सुबह अपने घर से निकले 24 वर्षीय ध्रुव कुमार शायद नहीं जानता था कि वह अपनी मां के हाथ का खाना और पिता की आवाज़ फिर कभी नहीं सुन पाएगा। अपने इलाजरत अपने मामा को इलाज के लिए एयर एबुलेंस से दिल्ली स्थित अस्पताल ले जा रहे ध्रुव की मौत एयर एंबुलेंस क्रैश होने से हो गई। ध्रुव के साथ एयर एंबुलेंस में बैठक उनके मामा सहित सात लोगों की मौत हो गइ्र। सोमवार की रात घटना की खबर मिलते ही पूरे सिमडेगा में शोक की लहर दौड़ गई। ध्रुव कुमार के मामा संजय कुमार जो चंदवा में कुछ दिन पहले हुए एक हादसे में बुरी तरह जल गए थे और उसके बाद उनका इलाज रांची के देवकमल अस्पताल में चल रहा था। उन...
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