नई दिल्ली।, दिसम्बर 11 -- संसद के इस सत्र में काफी कुछ देखने को मिल रहा है। कुछ सियासी घटनाक्रम ऐसे हुए हैं जिससे कांग्रेस पार्टी के भीतर सत्ता संतुलन को लेकर नए सवाल भी खड़े कर दिए हैं। वंदे मातरम् पर चर्चा और चुनावी सुधार के मुद्दे ने पार्टी के नेतृत्व की भूमिका को स्पष्ट रूप से सामने ला दिया है। 'वंदे मातरम्' पर बहस के दौरान राहुल गांधी संसद से अनुपस्थित रहे और कांग्रेस की ओर से यह जिम्मेदारी उनकी बहन और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने निभाई। दिलचस्प बात यह है कि प्रियंका गांधी ने उसी दिन भाषण दिया, जिस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद को संबोधित किया। अगले दिन के अखबारों में दोनों की तस्वीरें छपीं, जैसे यह बहस पीएम बनाम प्रियंका गांधी हो। संसदीय परंपरा के मुताबिक, यह मुकाबला पीएम बनाम नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी होना चाहि...