वरिष्ठ संवाददाता, अगस्त 23 -- आपातकाल के दौरान जेल में बंद लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को सरकार ने पेंशन देने की बात की तो इसमें भी ऐसे लोग निकल आए जिन्होंने इसे कमाई का जरिया बना लिया। कीडगंज के एक शख्स ने एक-दो नहीं, बल्कि 49 सालों तक पेंशन ली और बाद में जब इसकी शिकायत सरकार से की गई तो शासन ने जांच का निर्देश दिया। जांच में शिकायत सही पाई गई। 1975 में जब आपातकाल लागू हुआ तो तमाम लोग जेल में बंद हुए। जिले के भी कई लोग इसमें शामिल थे। बाद में आपातकाल खत्म हुआ और दूसरी सरकार आई तो इस काल में जेल में बंद लोगों को मीसा बंदी का नाम दिया गया और उन्हें पेंशन दी जाने लगी। कीडगंज कृष्णा नगर के निवासी राजेश कुमार गुप्ता को भी पेंशन दी जाने लगी। राजेश ने इतने सालों में 18 लाख से अधिक राशि पेंशन के रूप में ली। पिछले साल जिले के अमरेश कुमार ने इसकी शिक...
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