गया, अक्टूबर 10 -- लोकतंत्र के महापर्व में जब हर नागरिक गर्व से अपनी उंगली पर स्याही का निशान लगाकर अपने अधिकार का प्रयोग करता है, तब देश की असली ताकत झलकती है। लेकिन, बोधगया के श्रीपुर गांव में स्थित वेदा वृद्धा आश्रम के बुजुर्गों के लिए यह पर्व हर बार एक अधूरा सपना बनकर रह जाता है। यहां रहने वाले बुजुर्गों के चेहरों पर वक्त की लकीरें हैं, लेकिन आंखों में अब भी वही चमक वोट देने की इच्छा, देश के प्रति जिम्मेदारी का अहसास। बोधगया स्थित वेदा वृद्धा आश्रम में 22 बुजुर्ग रहते हैं। कोई 10 साल से रह रहा है तो कोई 15 साल से। इतने लंबे समय तक एक ही जगह रहने के बावजूद अब तक उनका नाम मतदाता सूची में नहीं जुड़ सका। आश्रम में रहने वाले बुजुर्ग बताते हैं कि उन्होंने कई बार जिलाधिकारी को आवेदन दिया, ताकि नाम मतदाता सूची में जुड़ सके पर अब तक किसी भी स्...
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