प्रयागराज, जुलाई 28 -- प्रयागराज, प्रमुख संवाददाता। रक्षा पेंशन का इतिहास 255 साल पुराना है। रक्षाकर्मियों को पेंशन देने की व्यवस्था अंग्रेजी शासनकाल में शुरू हुई थी। आजादी के पहले तक देश के सैनिकों को ईस्ट इंडिया कंपनी की ओर पेंशन दी जाती थी। रक्षा पेंशन प्रशिक्षण संस्थान में सोमवार से शुरू हुई पेंशन वीथिका में लॉर्ड क्लाइव फंड से सेवानिवृत्त सैनिकों को पेंशन देने का एक दस्तावेज है। इस दस्तावेज पर नीचे लिखा है लॉर्ड क्लाइव फंड। वीथिका को बनाने में अहम योगदान देने वाले एक अधिकारी ने बताया कि 1770 में लॉर्ड क्लाइव ने सेवानिवृत्त सैनिकों को पेंशन देने की शुरुआत की। तब बंगाल के नवाब मीरजाफर से मिलने वाली सालाना रकम से सेवानिवृत्त सैनिकों को पेंशन वितरण शुरू किया था। पीसीडीए का दफ्तर लाहौर से प्रयागराज (तब इलाहाबाद) शिफ्ट होने के बाद 1951 में...