मऊ, नवम्बर 26 -- मऊ। उ.प्र. मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव संगठन के आह्वान पर दवा प्रतिनिधियों ने उत्पीड़न के खिलाफ बुधवार को तीसरे दिने भी एकजुट रहे। दवा प्रतिनिधियों ने श्रम कानून के विरोध में काली पट्टी बांधकर कलक्ट्रेट पहुंचकर जमकर नारेबाजी करते हुए और प्रदर्शन किया। इस दौरान दवा प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि सरकार ने 29 लेबर लॉ को खत्म करके उसको कोड में बदल दिया है। इसकी वजह से श्रमिकों के अधिकारों का हनन हुआ है। किसी भी कीमत पर श्रमिकों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दवा प्रतिनिधियों ने कहा कि वे ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं, बावजूद इसके उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर दवा प्रतिनिधि दवाओं को उपलब्ध कराने में अहम भूमिका अदा करते हैं। इसलिए सरकार को चाह...