कुशीनगर, जून 6 -- कुशीनगर। जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों की वित्तीय वर्ष 2022-23 के लेखा परीक्षा में वित्तीय अनियमितता, दुरुपयोग, अपव्यय और सरकारी धन की क्षति पायी गयी। इसको लेकर जिले के 52 ग्राम प्रधानों पर गाज गिर सकती है। जिला लेखा परीक्षा अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने संबंधित 52 ग्राम प्रधानों से दो माह के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। डीएम महेंद्र सिंह तेवर ने निर्देश दिया है कि उत्तर प्रदेश पंचायत राज नियमावली के तहत अधिभार प्रतिवेदन पर ग्राम प्रधान निर्धारित समय सीमा में जिला लेखा परीक्षा अधिकारी के समक्ष जवाब दाखिल कर दें। यदि स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होता है या असंतोषजनक पाया जाता है, तो संबंधित धनराशि की वसूली भू-राजस्व बकाये के रूप में ग्राम प्रधानों से की जायेगी। विभिन्न ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायतों के...