नई दिल्ली, जनवरी 1 -- बीता साल निवेशकों के लिए मिला-जुला रहा। जहां सोने-चांदी ने उन्हें रिकॉर्ड बंपर मुनाफा कराया, वहीं घरेलू शेयर बाजारों ने औसत रिटर्न ही दिया। उधर, रुपये के प्रदर्शन ने उन्हें निराश किया। अब नए साल में निवेशकों की उम्मीदें एक बार फिर सोने-चांदी पर आकर टिक गई हैं।चांदी : 170 प्रतिशत की वृद्धि चांदी की कीमत इस साल एक जनवरी को 90,500 रुपये प्रति किलोग्राम थी, 31 दिसंबर तक नए रिकॉर्ड 000 तक पहुंच गई है। इस तरह चांदी में 1,24,000 रुपये यानी 170 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार, दुनियाभर में चांदी की मांग लगातार बढ़ रही है। वहीं, इसकी आपूर्ति भी घट गई है। इस वजह से अंतराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमतों में जोरदार उछाल दर्ज किया जा रहा है। चांदी में अगले साल भी 15 से 20 प्रतिशत तक की तेजी बने रहने की उम्मीद है। ...