समस्तीपुर, नवम्बर 26 -- पूसा। निफ्टेम कुंडली की टीम ने लीची के मूल्य संवर्धन और ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहित करने को लेकर बुधवार को राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुसहरी का भ्रमण किया। नेतृत्व डॉ. नितिन कुमार व डॉ.शेखर अग्निहोत्री ने किया। मौके पर विशेषज्ञों ने बताया कि लीची काफी कम समय में नष्ट होने वाला फल है। ऐसे में इसका प्रसंस्करण कर किसान फसल की बर्बादी के साथ अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकता हैं। इस दौरान केन्द्र के निदेशक डॉ.विकास दास व डॉ.अंकित कुमार ने किसानो को लीची प्रसंस्करण की आधुनिक तकनीको का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने लीची रसगुल्ला, लीची स्क्वैश, सूखे लीची फ्लेक्स एवं अन्य मूल्य वर्धित उत्पादों के निर्माण प्रक्रिया प्रदर्शित करते हुए कहा कि इसके उत्पादों की लगातार मांग बढ़ रही है। जो किसानों के लिए नए आय स्रोत खो...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.