वरिष्ठ संवाददाता, फरवरी 4 -- मुंबई से गोरखपुर आई और मारी गई प्रिया शेट्ठी लिव इन में पैदा हुए अपने बेटे को उसके पिता का नाम और हक दिलाना चाहती थी। लेकिन प्रेमी और उसकी पत्नी ने मिलकर उसे ऐसी खौफनाक मौत दी कि लाश की पहचान उसके गाल के दाहिनी ओर मौजूद तिल से करनी पड़ी। हत्यारोपितों ने पहचान छिपाने के लिए उसका चेहरा ईंट से कुचलकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था। लेकिन चेहरे पर मौजूद तिल को देखकर उसकी चचेरी बहन किरन ने शव की शिनाख्त कर ली। पहचान के बाद दो डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की और करीब साढ़े छह बजे शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस की मौजूदगी में राजघाट पर अंतिम संस्कार किया गया। बहन किरन ने ही प्रिया को मुखाग्नि दी। पोस्टमार्टम के दौरान प्रिया का डीएनए सैंपल भी सुरक्षित किया गया है। पुलिस के अनुसार डीएनए सैंपल क...
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