काठमांडु, अगस्त 20 -- भारत ने मंगलवार को कहा कि वह चीन के साथ कुछ खास स्थल मार्गों के रास्ते व्यापार को बहाल करने पर सहमत हुआ है। हालांकि भारत के इस फैसले ने पड़ोसी देश नेपाल को नाराज कर दिया है। इसकी वजह है - लिपुलेख दर्रा। दरअसल चीनी विदेश मंत्री वांग यी की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने एक संयुक्त दस्तावेज जारी किया जिसमें कई अहम समझौतों पर सहमति जताई गई। दस्तावेज में कहा गया है कि दोनों पक्ष तीन निर्दिष्ट व्यापारिक बिंदुओं, यानी लिपुलेख दर्रा, शिपकी ला दर्रा और नाथू ला दर्रा के माध्यम से सीमा व्यापार को फिर से खोलने पर सहमत हुए हैं। नेपाल को लिपुलेख दर्रा के रास्ते व्यापार करने पर आपत्ति है क्योंकि वह इसे अपना हिस्सा मानता है। जबकि यह इलाका भारत के उत्तराखंड राज्य का हिस्सा है।भारत का सख्त जवाब भारत ने नेपाल के विदेश मंत्रालय द्व...
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