वाराणसी, फरवरी 1 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। सन् 1857 की क्रांति से पहले संथाल विद्रोह हुआ था। इसकी जड़ में वे मजदूर थे जिन्होंने 1850 में भारत में पहली रेल लाइन बिछाई थी। यह रहस्योद्घाटन रायबरेली स्थित मॉडर्न कोच फैक्ट्री के जनरल मैनेजर प्रशांत कुमार मिश्र ने किया। वह रविवार को बनारस लिट् फेस्ट में कमांडेंट अमित सिंह के साथ चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 1850 में संथाली आदिवासियों को ही रेल की पटरी बिछाने में लगाया गया था। एक खास बात यह कि भारत में मजदूरों को काम के बदले वेतन की शुरुआत इसी समय हुई थी। इसके पहले काम के बाद उन्हें भोजन आदि देने का ही चलन था। हुआ यह कि रेल पटरी बिछाने के दौरान गोरे अधिकारियों ने संथालियों के साथ अभद्र आचरण किया। महिलाओं के साथ गलत हरकत की। इससे नाराज होकर संथाली मजदूरों ने अंग्रेज अभियंताओं और अधिकारियों...
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