वाराणसी, फरवरी 1 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। देश के मानिंद और इल्मी शायरों में शुमार शीन काफ़ निज़ाम ने धर्म नगरी काशी में ताल ठोंक कर ऐलान किया कि महाभारत ग्रंथ का मुझसे बड़ा आशिक खोजे नहीं मिलेगा। कॉलेज की किताबों के बाद मैंने जो पहली किताब पढ़ी थी वह महाभारत ही थी। होटल ताज में चल रहे बनारस लिट् फेस्ट के चौथे संस्करण में दूसरे दिन संवाद सत्र में उन्होंने कहा कि महाभारत के एक-एक पात्र, एक-एक घटनाक्रम मेरे जेहन के उतना ही करीब है जितना किसी आशिक के जेहन में उसका महबूब होता है। सवालों से जुड़े जवाब में उन्होंने कहा कि सवाल शाश्वत होता है। जवाब बेवफा होता है, हर बार बदल जाता है। उदाहरण के लिए एक प्रश्न बहुत पहले उठा मैं कौन? आज तक इसके अलग-अलग उत्तर मिलते आ रहे हैं। उन्होंने शेर-ओ-शायरी की तहजीब और अपनी शुरुआती जिंदगी के पन्ने भी खोले। प्...