भागलपुर, नवम्बर 24 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता माायगंज अस्पताल परिसर में संचालित मॉर्चरी की हालत बद से बदतर है। यहां पर पुलिस लाश को रखवाती है और उसे सात से आठ-आठ दिन तक ले जाना भूल जाती है। लिहाजा यहां पर रखे लाश मायागंज अस्पताल के फैब्रिकेटेड हॉस्पिटल में इलाज करा रहे मरीजों व उनके तीमारदारों को लाशों की बदबू से परेशान होना पड़ता है। मायागंज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अविलेश कुमार ने बताया कि मायागंज अस्पताल में मृत अज्ञात लाशों को मॉर्चरी में रखवाने के तीन दिन बाद ही डिस्पोज करा दिया जाता है। लेकिन जो लाशें भागलपुर समेत अन्य जिलों की पुलिस द्वारा मार्चरी में रखवाया जाता है, उसे सात से आठ-आठ दिन तक डिस्पोज के लिए नहीं ले जाया जाता है। जिससे अस्पताल में इलाज कराने आये मरीजों व उनके तीमारदारों को लाशों से उठ रही बदबू से दो-चार होना पड़ता है। अ...