गुमला, फरवरी 16 -- जारी प्रतिनिधि। प्रखंड मुख्यालय से तीन किमी दूर लावा नदी पर बना पुल राहगीरों के लिए खतरा बन गया है। पुल का रेलिंग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। जिससे यहां से गुजरने वाले लोगों में हमेशा हादसे का डर बना रहता है। यह पुल झारखंड और छत्तीसगढ़ के कनेक्टिविटी का महत्वपूर्ण मार्ग है। जिससे रोजाना हजारों लोग और वाहन गुजरते हैं। प्रखंड के विभिन्न गांवों से स्कूली बच्चे साइकिल से इस पुल को पार कर स्कूल जाते हैं। जिससे उनके परिजन तब तक चिंता में रहते हैं जब तक वे घर नहीं लौट आते। पुल की चौड़ाई कम होने के कारण बड़े वाहन अक्सर अनियंत्रित होकर रेलिंग से टकरा जाते हैं। कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। बावजूद इसके अब तक पुल की मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। भारी मालवाहक ट्रकों के एक साथ पुल पार करने में दिक्कत होती है। कई बार...
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