नई दिल्ली, जनवरी 20 -- सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को लावारिस कुत्तों के मामलों की सुनवाई हुई। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि देश में लावारिस कुत्तों की नसबंदी को एक समान तरीके से लागू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नसबंदी से लावारिस कुत्तों में दिखने वाली आक्रामकता कम होती है, इसे पारदर्शी तरीके से लागू किया जाना चाहिए। जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एन.वी. अंजारिया की पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता ने इस मुद्दे पर विशेषज्ञ समिति बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कुत्तों के नसबंदी की यह प्रणाली अधिकांश शहरों में काम नहीं कर पाई, लेकिन लखनऊ और गोवा जैसे कुछ शहरों में यह प्रभावी रही है। उन्होंने कहा कि इसे पारदर्शी और लोगों को जवाबदेह बनाकर बंध्याकरण को प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने पीठ से कहा कि एक ऐसी प्रणाल...