पटना, जून 21 -- बिहार की राजनीति में सीएम-इन-मेकिंग से दस साल में सीएम-इन-वेटिंग तक पहुंच पाए राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव एक मामले में राजद अध्यक्ष और अपने पिता लालू यादव से 20 कदम आगे निकल गए हैं। दो पूर्व मुख्यमंत्री लालू और राबड़ी देवी के परिवार से राजनीतिक वारिस बनकर आगे आए तेजस्वी ने 2020 के विधानसभा चुनाव में 10 लाख सरकारी नौकरी का वादा करके इसे बड़ा मुद्दा बना दिया था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शुरुआती तंज 'नौकरी कहां से देगा' के बाद जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 19 लाख नौकरी और रोजगार का वादा संकल्प पत्र में कर दिया था। तेजस्वी यादव ने 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले बिहार की सरकारी नौकरियों में 100 परसेंट अधिवास नीति (डोमिसाइल पॉलिसी) का वादा कर दिया...
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