मोतिहारी, दिसम्बर 25 -- चिरैया। बालू घाटों का डाक नहीं होने से भले ही सरकारी राजस्व की क्षति हो रही है। लेकिन बालू माफिया की चांदी कट रही है। चोरी छिपी प्रति दिन बालू का अवैध उत्खनन हो रहा है। बिना पूंजी लगाए ही रोज लाखों की कमाई हो रही है तो बालू घाटों का डाक लेने से क्या फायदा। चिरैया प्रखण्ड के सिकरहना नदी तटवर्ती लालबेगिया, अकौना, सरोगढ, बरनावा, पटजिलवा, गोढ़िया व मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के हराज व हंसुआहा आदि घाटों पर वर्षों से अवैध उत्खनन का काम हो रहा है। कई बार लोकल पुलिस द्वारा अवैध बालू लदे ट्रैक्टर को जब्त भी की गई। इसके बाद भी इन घाटों पर अवैध बालू खनन का खेल जारी है। इन घाटों पर लोड किए गए बालू को चिरैया, शिकारगंज, ढाका, घोड़ासहन, लखौरा व मोतिहारी क्षेत्र में सोन सैंड बालू के रेट में बिक्री किया जाता है। इन घाटों पर बजाप्ता हफ्त...
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