नई दिल्ली, दिसम्बर 30 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। द्वारका जिला अदालत ने लिफ्ट लगाने के दौरान हुए दर्दनाक हादसे से जुड़े करीब छह साल पुराने मामले में आरोपी ठेकेदार को बरी कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आपराधिक लापरवाही के आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा। मामला 21 अप्रैल 2019 को विकासपुरी स्थित सी-ब्लॉक गुरुद्वारे में हुए हादसे से जुड़ा है, जिसमें एक महिला मजदूर की मौत हो गई थी। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ऋषभ कपूर की अदालत में चले मुकदमे में आरोपी राजिंदर सिंह संधू पर आईपीसी की धारा 336, 337 और 304ए के तहत आरोप लगाए गए थे। अभियोजन के अनुसार, आरोपी गुरुद्वारे में लिफ्ट लगाने के कार्य का ठेकेदार था और उसने बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के लगभग 22 फीट गहरा गड्ढा खुदवाया। आरोप था कि मजद...