झांसी, जनवरी 5 -- मौसमी फूलों की कई किसान खेती करते है जिसमें लाखों रुपए की कमाई होती है। ऐसे में किसानों को सावधानी बदले मौसम पर रखनी होगी। इसमें जरा भी चूक होगी तो किसानों को नुकसान हो सकता है। केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी की है कि पूरा ख्याल रखें अन्यथा नुकसान हो सकता है। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के पुष्पविज्ञान एवं भूदृश्य निर्माण विभाग के वैज्ञानिकों ने मौसमी फूलों की सर्दियों में देख - रेख करने की सलाह दी है। डॉ. प्रियंका शर्मा और डॉ. गौरव शर्मा ने बताया कि मौसमी फूलों में निराई - गुड़ाई की इन दिनों आवशयक है। खरपतवार प्रबंधन एवं पौधों की बढ़वार हेतु यह क्रिया पौधे लगाने के लगभग 30-45 दिनों बाद की जानी चाहिए। सर्दी का मौसम अपने साथ कोहरा और पाले की मार भी लेकर आता है, जिसका सीधा असर बगी...
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