जामताड़ा, दिसम्बर 12 -- फतेहपुर। फतेहपुर प्रखंड के सामाजिक वानिकी परिसर में निर्मित वनरक्षी आवास भवन इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। लाखों रुपये की लागत से बना यह भवन आज तक उपयोग में नहीं लाया गया। स्थिति यह है कि उपयोग के अभाव में यह भवन अब भूत बंगला जैसा प्रतीत होने लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन निर्माण के बाद से ही यहां किसी भी वनरक्षी की पदस्थापना नहीं की गई। नतीजतन भवन जर्जर अवस्था में पहुंचने लगा है। दीवारों पर दरारें, टूटी खिड़कियां और उगी झाड़ियां इस भवन की उपेक्षा की कहानी खुद बयां कर रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि यदि इस भवन का सही ढंग से उपयोग किया जाए तो वन क्षेत्र में निगरानी और संरक्षण कार्यों में काफी सुधार हो सकता है। लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण सरकारी धन से बना यह भवन बेकार पड़ा है। स्थानीय लोग...
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