धनबाद, अप्रैल 29 -- धनबाद, मुख्य संवाददाता वासेपुर, भूली और कोडरमा से गिरफ्तार संदिग्ध आतंकवादी संगठन के सदस्यों को धार्मिक कंट्टरपंथी का प्रचार-प्रसार करने और लड़कों को जिहादी बनाने के लिए देश-विदेश से फंडिंग मिल रही थी। एटीएस को फंडिंग का पूरा ब्योरा मिला है। बताया जा रहा है कि फंडिंग के नेटवर्क से ही एटीएस की टीम वासेपुर अमन सोसाइटी निवासी आयान जावेद तक पहुंची। बताया जा रहा है कि आयान के साथ उसकी पत्नी शबनम भी संगठन के कार्यों में पूरी तरह से सक्रिय थी। एटीएस ने संदिग्धों के पास मिले इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के आधार पर उन्हें मिली अब तक की फंडिंग का ब्योरा जुटा रही है। कब-कब और कहां-कहां से उन्हें पैसे मिले, इसकी मनी ट्रेलिंग (रकम किन-किन खातों से होते हुए उन तक पहुंचे) का भी पता लगाया जा रहा है। एटीएस ने गिरफ्तारी के बाद उन लोगों से प्रथम...
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