नई दिल्ली, जून 11 -- नकदी संकट से जूझती महाराष्ट्र सरकार ने खजाना भरने का दूसरा रास्ता खोजा है। खबर है कि राज्य सरकार ने भारत में बनने वाली विदेशी शराब पर शुल्क बढ़ाने का फैसला किया है। इसके अलावा देशी शराब की भी कीमतें बढ़ने के आसार हैं। खास बात है कि यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है, जब राज्य लड़की बहिन योजना में भुगतान के चलते नकदी संकट का सामना कर रहा है। खबर है कि IMFL को बनाने की लागत से तीन गुना से बढ़ाकर शुल्क 4.5 गुना (260 रुपये प्रति बल्क लीटर) करने का फैसला किया है। राज्य सरकार ने देशी शराब पर भी ड्यूटी 180 रुपये से बढ़ाकर प्रति प्रूफ लीटर 205 रुपये कर दी है। सरकार ने MML यानी महाराष्ट्र में बनने वाली शराब का एक नया वर्ग भी शुरू किया है, जिसका निर्माण स्थानीय लोग करेंगे। हालांकि, इसके लिए लाइसेंस की जरूरत होगी। महाराष्ट्र में सर...
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