गंगापार, अक्टूबर 4 -- खाद पानी आदि के किल्लतों से जू़झकर किसी तरह किसानों ने अपनी खेती बचायी, लेकिन अब तेज हवा के चलते बची व पकी धान की फसल खेतों में सिमट कर नष्ट हो रही है। प्रकृति के कहर से किसानों में काफी दुख व्याप्त है। पिछले पांच दिनों से दोपहर बाद से देर शाम और कभी कभी पूरी रात तेज हवा के साथ मांडा क्षेत्र में बरसात हो रही है। बरसात और तेज हवा के चलते मांडा दक्षिणांचल के उपरौध क्षेत्र में बसे सोनबरसा गाँव के किसान रमा शंकर गौड़ का ढाई बीघे धान की फसल खेतों में सिमट गई है। सिमटा धान खेत में भरे पानी में डूबा हुआ है। इस गाँव के बांकेलाल, महेंद्र, दिनेश कुमार, गांधी प्रसाद, शैलेंद्र, जवाहरलाल, नागेंद्र प्रसाद आदि किसानों की धान की खेती पूरी तरह तबाह हो चुकी है। बेलहा कला गाँव के पिंटू कुमार गौड़, अमित कुमार तथा फचकरा गाँव के किसान राम...
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