भागलपुर, दिसम्बर 10 -- कजरा, एक संवाददाता। सफला एकादशी व्रत आयु वृद्धि और स्वास्थ्य संरक्षण के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस व्रत को करने से व्यक्ति के कार्य सफल होते हैं और श्रीहरि की कृपा से भौतिक सुख-संपन्नता प्राप्त होती है। आचार्य अशोक पांडेय ने बताया कि इस दिन किए गए सभी आध्यात्मिक प्रयास सिद्ध होते हैं। यह व्रत धन, व्यापार, नौकरी और संतान संबंधी मामलों में विशेष लाभ देता है। सफला एकादशी की तिथि 14 दिसंबर को शाम 6:49 बजे से प्रारंभ होगी और 15 दिसंबर को रात 9:19 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर इस वर्ष सफला एकादशी का उपवास और पूजा 15 दिसंबर को मान्य है। सफला एकादशी पर श्रीहरि की पूजन विधि सफला एकादशी के दिन सुबह या संध्या काल में भगवान विष्णु की पूजा करें। मस्तक पर सफेद चंदन या गोपी चंदन का तिलक लगाएं। श्रीहरि को पंचामृत, ताजे...