भागलपुर, दिसम्बर 23 -- कजरा, एक संवाददाता। जैविक खेती करने से पशुधन को बढ़ावा मिलता है। कृषि सलाहकार अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सीमित संख्या में स्वस्थ पशुओं को पालने से व्यापक मात्रा में खाद की भी प्राप्ति होती है। साथ ही शुद्ध दूध भी मिलेगा। सबसे जरूरी चीज यह है कि ऐसी प्रथा पर अंकुश लगाया जा सकेगा,जिससे लोग इस्तेमाल के बाद पशुओं को सड़कों पर आवारा छोड़ देते हैं। पशु खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं।जिससे हर साल भारी मात्रा में फसलें तबाह हो रही हैं। जैविक खेती में किसी तरह के रसायनों का प्रयोग नहीं होता है और यह स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है। इसके साथ- साथ अधिक रसायनों के इस्तेमाल से पर्यावरण पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। मिट्टी की उपजाऊ क्षमता में भी व्यापक कमी आती है। जैविक खेती कर इस पर भी अंकुश लगाया जा सकता है।...