लखनऊ, जनवरी 22 -- लखनऊ में बिजली चोरी रोकने के लिए की जाने वाली चेकिंग प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए गए हैं। विभाग में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए अब बॉडी वार्न कैमरे का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है। निदेशक वाणिज्य द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यदि कैमरा खराब है या उपलब्ध नहीं है, तो चेकिंग की कार्रवाई रोकनी होगी। विभाग ने इस नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। विजिलेंस टीम के उप-निरीक्षक और विभागीय टीम के जेई या एसडीओ को कैमरा पहनना अनिवार्य होगा। चेकिंग पर जाने से पहले दफ्तर में कैमरा ऑन कर पूरी टीम का परिचय रिकॉर्ड करना होगा। उपभोक्ता के घर पहुंचने से लेकर उपकरणों की जाँच और रिपोर्ट देने तक की पूरी प्रक्रिया को शूट किया जाएगा। यदि उपभोक्ता रिपोर्ट लेने से मना करता है, तो उसे दीवार पर चस...