लखनऊ, अक्टूबर 6 -- उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन ने सोमवार को अपनी मांगों को लेकर ईको गार्डन में धरना दिया। धरने में प्रदेशभर की आशा व संगिनी कार्यकत्रियां शामिल हुईं। इस दौरान यूनियन ने आशा कार्यकत्रियों को कर्मचारी का दर्जा, न्यूनतम वेतन, ईपीएफ, ईएसआई और ग्रेच्युटी की सुविधा दिए जाने की मांग की। यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मी देवी ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू कर कर्मचारी का दर्जा देने, न्यूनतम वेतन, ईपीएफ, ईएसआई और ग्रेच्युटी की सुविधा देने में कोई रुचि नहीं दिखाई है। वर्षों पूर्व निर्धारित की गई प्रोत्साहन राशियों में कोई बदलाव नहीं किया गया। आशा वर्कर्स का कहना है कि दर्जनों कामों की कोई प्रोत्साहन राशि भी नहीं दी जा रही है। राज्य सचिव अंजू कटियार ने कहा कि आशा संगिनी को मानद स्वयंसेवक और...