उन्नाव, अप्रैल 8 -- पुरवा। सेमरीमऊ दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित 54 वीं रामलीला मंचन में धनुष भंग व लक्ष्मण परशुराम संवाद हुआ। रविवार रात रामलीला मंचन के दौरान राजा जनक के सीता स्वयंवर के लिए रखा गया। शिव धनुष को दूर-दूर से आए राजा उसे जब तिल भर भी न उठा सके। जिसके बाद गुरु की आज्ञा पाकर पहुंचे भगवान श्रीरामचंद्र ने उस धनुष को हाथ में पकड़ते ही दो टुकड़े कर दिए और माता सीता जी ने भगवान के गले में वरमाला पहनाई। यह खबर सुन भगवान परशुराम आते हैं। जिसके बाद लक्ष्मण परशुराम का संवाद होता है। लक्ष्मण परशुराम संवाद देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। इस दौरान निशिनाथ, शिवेंद्र, कैलाश, योगेन्द्र, महेश, रमेश, ललित, श्रेयांस, सुशील, राम आदि मौजूद रहे।
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