गोरखपुर, अक्टूबर 30 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। एम्स में विश्व स्ट्रोक दिवस पर न्यूरोलॉजी विभाग में बुधवार को जनजागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मरीजों और तीमारदारों को स्ट्रोक (लकवा) को समय से पहचाने एवं इलाज के बारे में जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि एम्स की कार्यकारी निदेशक सेवानिवृत्त मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता ने बताया कि पक्षाघात, लकवा फालिस या स्ट्रोक, भिन्न भिन्न नामों से जाने जाने वाली यह बीमारी ब्रेन अटैक होती हैं। ब्रेन अटैक में दर्द नहीं होने के कारण मरीज या परिजन हॉस्पिटल पहुचने में देर कर देते हैं, जिसके बाद इलाज के बाद भी परिणाम उतने अच्छे नहीं मिलते हैं। इस बीच उन्होंने मरीजों और तीमारदारों से बाचतीत की। न्यूरोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष तिवारी ने बताा कि लकवे दो प्रकार के होते हैं। पहला इन्फार्क्ट (थक्का जमने के का...