बुलंदशहर, जनवरी 22 -- उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (रोडवेज) में यात्रियों की सुरक्षा के साथ बड़ा खिलवाड़ हो रहा है। नियमों को ताक पर रखकर बुलंदशहर समेत खुर्जा और सिकंदराबाद डिपो में ऐसे परिचालकों की तैनाती कर दी गई है, जिन्हें आपातकालीन स्थिति में प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) तक की जानकारी नहीं है। हैरानी की बात यह है कि बिना अनिवार्य प्रशिक्षण के ही इनके लाइसेंस जारी कर दिए गए, जो सीधे तौर पर सफर करने वाले हजारों यात्रियों की जान को जोखिम में डालने जैसा है। जानकारी के मुताबिक किसी भी परिचालक को सेवा में लेने या लाइसेंस जारी करने से पहले प्राथमिक उपचार का विधिवत प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है। हादसे की सूरत में अस्पताल पहुंचने से पहले 'गोल्डन आवर' में मरीज की जान बचाने की जिम्मेदारी परिचालक की होती है, लेकिन जिले के डिपो में हकीकत इसके उलट है। अधिका...