शाहजहांपुर, जनवरी 8 -- रोजा रेल हादसे में पांच लोगों की मौत के बाद जहां पूरे इलाके में शोक का माहौल रहा, वहीं पीड़ित परिवारों को राहत के नाम पर अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं। हादसे के बाद गांव पहुंचे जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने परिजनों को ढांढस बंधाया, लेकिन घोषित मुआवजा अब तक नहीं मिला। निगोही क्षेत्र के बिक्रमपुर चकौरा गांव निवासी बाबूराम के बेटे सेठपाल, उसकी पत्नी और दो नवजात बच्चों की ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी। इसी हादसे में खीरी जिले के पसगवां क्षेत्र निवासी लालाराम सैनी के इकलौते बेटे की भी जान चली गई थी। घटना के बाद एडीएम अरविंद कुमार, तिलहर विधायक सलोना कुशवाहा और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अजय पाल गांव पहुंचे थे। इस दौरान एडीएम ने सेठपाल की बची एकमात्र पुत्री के नाम पांच लाख रुपये की एफडी कराने की घोषणा की थी। हाल...