चतरा, नवम्बर 10 -- टंडवा निज प्रतिनिधि सीसीएल की जिस आम्रपाली से लगभग 1500 लाख टन कोयला आसान राहों से दस सालों में उत्पादित हो गयी।वह चौथे फेज में नयी खनन कंपनी नागार्जुन के लिए चुनौतीपूर्ण और संघर्षों से भरा रहेगा।8200 करोड़ से 233 मीलियन टन कोयले की उत्पादन और 139 एमटी कोल डिस्पैच नागार्जुन को करना है। आम्रपाली से प्रभावित पांच गांव के दस साल पहले जो किशोर थे वे युवा बेरोजगार बन चुके हैं। लगभग 600 वर्कर खनन कंपनी में काम रहे हैं। बताया गया कि चुनौतियां इस लिहाज से है कि लगभग 21 फीसदी लो टेंडर रेट है जो अबतक सबसे ज्यादा लो रेट है। वहीं कुमडाग गांव समेत अन्य गांवों के 900 परिवार को विस्थापित करना है जबकि लम्बे समय से बंद जीएम लैंड का प्रशासनिक सत्यापन कराना समेत कई समस्याओं से जूझना होगा। भाजयुमो के जिला महामंत्री विकास मालाकार कहते हैं कि...