वाराणसी, जनवरी 7 -- वाराणसी, हिटी। सर्द रातों में यात्रियों, जरूरतमंदों, कामगारों और बेसहारा लोगों के लिए बनाए गए रैनबसेरों की हकीकत दोहरी तस्वीर पेश कर रही है। नगर निगम की ओर से स्थापित इन रैनबसेरों में कहीं व्यवस्थाएं संतोषजनक हैं, तो कहीं अव्यवस्थाओं ने सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, शहर के कुछ इलाकों में न तो शेल्टर होम की व्यवस्था है और न ही अलाव जलाए गए हैं, जिससे जरूरतमंदों को खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर होना पड़ रहा है। नगर निगम के आंकड़ों पर गौर करें तो शहर में 12 स्थायी और 20 से अधिक अस्थायी रैन बसेरे संचालित हैं। आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान' की टीम मंगलवार को मैदागिन स्थित कंपनी बाग में बनाए गए अस्थायी रैन बसेरे में पहुंची। बाहर से यह रैन बसेरा पूरी तरह तैयार दिखाई देता है, लेकिन भीतर का दृश्य चौंकाने वाला रहा। यहां न...